Friday, August 29, 2014

LECTURER BANE PGT'S

हरियाणा शिक्षा विभाग पंचकूला: शिक्षा विभाग ने हरियाणा लैक्चरार की बहुत पुरानी मांग को स्वीकार कर लिया है। PGT से उनका नया पदनाम ( DESIGNATION) बदल कर लैक्चरार कर दिया है।

MDM ME COOK KITNI STRENGTH PAR KITNE HONGE KA LETTER


7036 POST OF PGT IN HARYANA ADVERTISED

स्कूल अध्यापक चयन बोर्ड ने प्रदेश में पीजीटी अध्यापकों के 7036 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित कि ए हैं। इन पदों के लिए आवेदन ऑन लाइन 26 सितम्बर सायं 5 बजे तक किए जा सकते हैं और फीस जमा करवाने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 4 बजे तक है।पीजीटी अध्यापकों के विभिन्न विषयों के पदों मेवात जिला को छोडक़र पूरा हरियाणा के लिए पीजीटी अध्यापक गणित के लिए 1283 पद, रसायन के लिए 424, भौतिकी के लिए 642, जीव विज्ञान के लिए 52, भूगौल के लिए 229, मनोविज्ञान के लिए 40, समाज शास्त्र के लिए 133, गृह विज्ञान के लिए 187, पंजाबी के लिए 117, संस्कृत के लिए 398, उर्दू के लिए 6, अगे्रजी के लिए 442, हिन्दी के लिए 281, राजनीतिक विज्ञान के लिए 413, अर्थशास्त्र के लिए 336, कॉमर्स के 220, इतिहास के 371, कम्प्यूटर साइंस के 446, संगीत के 85 और फाइन आर्टस के 715 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गये हैं। मेवात जिला के लिए पीजीटी अध्यापकों के विभिन्न विषयों के पदों में गणित के 53, रसायन के 27, भौतिकी के 20, जीव विज्ञान के 7, भूगौल के 10, मनोविज्ञान के 3, समाजशास्त्र के 3, गृह विज्ञान के 5, पंजाबी

PROMOTION KOTA KAM KARNE PAR HOGA GHAMASHAN

चंडीगढ़ : हरियाणा में शांत चल रहे मास्टर वर्ग को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बैठे बिठाए बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है। प्रधानाचार्य पद के लिए मुख्याध्यापकों का कोटा घटाने से मास्टर आहत हैं और आंदोलन की रणनीति बनाने पर जुट गए हैं। अभी तक मुख्याध्यापकों का प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए 33 प्रतिशत कोटा था, जबकि पीजीटी का 67 फीसद। सरकार ने पीजीटी को राहत देते हुए उनका कोटा बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है, जबकि मुख्याध्यापकों के कोटे में 13 फीसद की कमी कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने पदोन्नति कोटा कम करने के पीछे जो तर्क दिया है वह मास्टरों की समझ से परे है। सरकार ने मुख्याध्यापकों के स्वीकृत पदों को इसका आधार बनाया है, जबकि यह नहीं देखा गया कि इससे मुख्याध्यापक का फीडर

TRANSFER BANNED IN HARYANA

As per the decision of Government, the transfers have been banned till further orders. Therefore, No further applications for transfers will be entertained by the department. -Orders by DSE