Saturday, June 13, 2015

ELEMENTARY HEADMASTER AB LENGE 36 PERIOD

 भिवानी | मौलिक(एलीमेंट्री) स्कूलों के मुखियाओं को अब सप्ताह में 36 पीरियड पढ़ाने पढ़ सकते हैं। अभी वे 18 पीरियड पढ़ा रहे हैं। शिक्षा विभाग स्कूलों में 31 मई तक की छात्र संख्या जुटा रहा है। उसके आधार पर रेशनेलाइजेशन की प्रक्रिया लागू होगी। इसके बाद हाई या सीनियर सेकंडरी स्कूलों में एलीमेंट्री हेड को विषय का अध्यापक माना जाएगा और उन्हें दूसरे अध्यापकों की तरह वर्कलोड दिया जाए। हाई स्कूल में मास्टर सीएंडवी का वर्कलोड कक्षा छह से दस तक का रहेगा। लेकिन सीनियर सेकंडरी मिडिल स्कूल में मास्टर सीएंडवी का वर्कलोड कक्षा छह से आठ तक मान्य रहेगा।

Collegium system would be revived automatically if the 99th Constitutional Amendment and NJAC Act fail to pass the test of Law: Supreme Court


June 13, 2015 by Live Law News Network
Delhi: The Union government on friday submitted before the Supreme Court that the tax payers had a right to know the quality of judges appointed to the higher judiciary. “A tax payer may say that I pay your (judges) salaries, I have a right to know who is going to be a judge,” Attorney General Mukul Rohatgi told the constitution bench comprising of Justice Jagdish Singh Khehar, Justice J. Chelameswar, Justice Madan B. Lokur, Justice Kurian Joseph and Justice Adarsh Kumar Goel.
Continuing his attack on the “nepotism” in the collegium system, he said that “a judge who has given not more than 50 judgments in 15 years during his stint with various high courts can’t be elevated to the top court”.
Citing the case of a judge who left hundreds of judgments reserved across various high courts and never pronounced them, Rohatgi said: “It is collegium that gave him laurels after laurels and brought

Two-day computer training for all DEOs, DEEOs, Principal DIETs, Deputy DEOs, BEOs and BEEOs working at State Headquarters and SCERT.

HARYANA GOVERNMENT
SCHOOL EDUCATION DEPARTMENT
Order No. 1/62-2015 e-Gov./IT Cell Dated: 10.06.2015
Two-day computer training programme is ordered to be organized for all
DEOs, DEEOs, Deputy DE0s, Principal DIETs, BEOs and BEEOs including Deputy
Directors and Joint Directors working at State Headquarters and SCERT as per
following schedule:-
Sr.
No.
Name of Participants During - of
Training
Venue Remarks
DEOs, DEEOs, Principal 15.06.2015 UTKARSH Society, All participants
DIETS, Dy. DEOs, BEOs 86 Sector-2, Panchkula to arrange for
and BEEOs of Hisar
Division
16.06.2015 stay at their
own level and

15 को जिला मुख्यालयों पर व 17 को महेंद्रगढ़ के लिए करेंगे कूच करेंगे गेस्ट टीचर

सरकार के धोखे से आहत गेस्ट टीचरों ने एक बार फिर की आर पार लड़ाई की घोषणा ।
गेस्ट टीचरों ने बीजेपी नेताओं पर लगाया पैसे लेकर अपने निजी लोगों को सेट करने का आरोप ।
गेस्ट टीचर बोले - सरकार ने टर्मिनेट के आदेश जारी करवाकर घोपा गेस्ट टीचरों की पीठ में छुर्रा ।
दोबारा आंदोलन का कारण - 149 गेस्ट टीचरों को सरप्लस बताकर मेवात के डीईईओ ने किया नोकरी से टर्मिनेट ।
15 को जिला मुख्यालयों पर व 17 को महेंद्रगढ़ के लिए करेंगे कूच करेंगे गेस्ट टीचर ।
मंगलवार तक सभी सरप्लस गेस्ट टीचरों को हटाने की विभाग ने करी तैयारी ।
षड्यंत्र के तहत वायदाखिलाफी का लगाया गेस्ट टीचरों ने आरोप ।
दोहरी चाल - एक तरफ तो सरकार नियमित के लिए कर रही है वार्ता वहीं साथ में हटाने के आदेश जारी ।
आंदोलनकारियों को किया सम्मानित

जींद - हरियाण सरकार के कई बड़े नेता 16 हजार परिवारों की रोजी रोटी छीनकर उन्हें बेघर करना चाहते है और गेस्ट टीचरों को किसी न किसी बहाने से हटाकर अपने चहेतों से पैसे लेकर भर्ती करना चाहते है लेकिन गेस्ट टीचर उनकी इस ख्याली मंशा को कभी पूरा नहीं होने देंगे । ये बात हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शास्त्री ने जींद में हुई राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग में सम्बोधित करते हुए कही । शास्त्री ने कहा कि गेस्ट टीचरों को हटाने की सरकार की ओच्छी मानसिकता सबके सामने आ गई है । शास्त्री ने कहा कि हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग ने मेवात में कार्यरत 149 गेस्ट टीचरों को सरप्लस का बहाना बनाकर टर्मिनेट करके गेस्ट टीचरों की पीठ में छुर्रा घोपने का काम किया है। एक तरफ तो सरकार नियमित करने की अनेक पॉलिसियों की गहनता से जाँच करने की बात कह रही है वहीं दूसरी तरफ सरकार ने षड्यंत के तहत गेस्ट टीचरों को नौकरी से टर्मिनेट करने का जो निंदनीय कार्य किया है उससे सरकार का असली चेहरा गेस्ट टीचरों व जनता के सामने आ गया है। सरकार द्वारा षड्यंत के तहत जो वायदाखि़लाफ़ी व धोखा किया है उसे गेस्ट टीचर किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं करेंगे।

संघ के प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने कहा कि सरकार चाहे जितने ओच्छे हथकंडे अपना ले लेकिन गेस्ट टीचर अपने रोजगार को किसी भी हाल में जाने नहीं देंगे। संघ के राज्य उपप्रधान कुलदीप झरोली, कोषाध्यक्ष कृष्ण धारसूल व महासचिव पारस शर्मा ने बताया कि गेस्ट टीचरों को हटाना सरकार की घटिया नीति का परिणाम है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो सरकार नियमितीकरण पर बातचीत के लिए तैयार है वहीं दूसरी तरफ सरप्लस न होते हुए भी उन्हें हटाया जाना बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने कहा कि वो प्रदेश में किसी भी गेस्ट टीचर का रोजगार नहीं जाने देंगे चाहे उन्हें इसके लिए कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। इस अवसर पर हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ 70 सम्बन्ध हरियाणा कर्मचारी महासंघ के चेयरमेन कुलभूष शर्मा , वरिष्ठ उप प्रधान दिलबाग अहलावत , उप प्रधान जगदीश रेडु , मुख्य सलाहकार शक्ति सिंह सिवाच , प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा , सुभाष राविश , जरनैल सिंह , विनोद कासनिया , अशोक शर्मा , जींद जिला प्रधान रणधीर मोर , श्रीनिवास , मेडम सुनीता , सन्तोष व रेणु आदि मौजूद थे ।

ये बनाई आंदोलन की रुपरेखा - संघ के प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि आज हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ की जींद में एक अर्जेंट मीटिंग हुई जिसमे सर्वसम्मति से फैसला लिया कि वो 17 जून को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के ग्रह क्षेत्र महेंद्रगढ़ की तरफ कुच करेंगे क्योंकि उन्होंने ही दिल्ली आंदोलन में लिखित में गेस्ट टीचरों को एक कलम से पक्का करने का वायदा किया था। इसके साथ साथ 15 जून को हरियाणा के हर जिला मुख्यालयों पर डीईईओ के कार्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे । लोहान ने कहा कि अगर फिर भी गेस्ट टीचरों को नियमित नहीं किया तो वो आंदोलन को और भी तेज कर सरकार को झुकने के लिए मजबूर करेंगे।

हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ 70 सहित अनेक कर्मचारी संगठनोँ ने दिया समर्थन - प्रदेश के अनेक कर्मचारी संगठनोँ ने पूर्ण रूप से गेस्ट टीचरों का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है । अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने जींद में हुई गेस्ट टीचरों की मीटिंग में उनका पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया है । उन्होंने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द गेस्ट टीचरों को नियमित कर अपना वायदा निभाए नही तो वो भी आर पार की लड़ाई लडऩे के लिए मजबूर होंगे।

सदमे से गेस्ट टीचर की हुई मोत से गेस्ट टीचरों में भारी रोष - प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि सरकार द्वारा हटाने के सदमे से बीती रात एक गेस्ट टीचर ज्ञान चन्द की ह्रदय गति रुकने से मोत हो गई जिससे गेस्ट टीचरों में भारी रोष व गुस्सा है । उन्होंने बताया कि ज्ञान चन्द नरवाना ब्लाक के राजकीय उच्च विद्यालय ढाबी में कार्यरत थे जिनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मोन धारण भी किया । लोहान ने बताया कि नोकरी जाने के डर से ये कोई पहली मोत नहीं हुई बल्कि इससे पहले भी सेकड़ों लोगों की मोत हो चुकी है। उन्होंने माँग की है कि सरकार यूनियन से किए वायदे के अनुसार ज्ञान चन्द के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नोकरी दे ।

आंदोलनकारियों को किया सम्मानित - करनाल आंदोलन के दौरान जेल जाने वाले व आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले सभी गेस्ट टीचरों को आज माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उनके समर्थन जमकर नारेबाजी की। प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री व उप प्रधान कुलदीप झरोली सहित सभी क्रांतिकारी गेस्ट टीचरों को माला पहनाकर सम्मानित किया।

बारिश की वजह से बदलना पड़ा स्थान - गेस्ट टीचरों ने आगामी आंदोलन की रुपरेखा के लिए जींद के नेहरू पार्क में मीटिंग करनी चाही लेकिन तेज आंधी व बारिश की वजह से उन्हें पार्क को छोडक़र रोडवेज मन्दिर में आगामी रणनीति की घोषणा तैयार की ।

मेवात के 149 ‘अतिथियों’ की छुट्टी

चंडीगढ़/ गुड़गांव/ तोशाम, 12 जून (ट्रिन्यू/हप्र/निस) सरकारी स्कूलों में कार्यरत सरप्लस अतिथि अध्यापकों पर एक्शन शुरू हो गया है। प्रदेश के शिक्षा विभाग ने मेवात में कार्यरत 149 अतिथि अध्यापकों को नौकरी से हटा दिया है। ये शिक्षक उन 4073 अतिथि अध्यापकों में शामिल हैं, जिन्हें सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में शपथ-पत्र देकर सरप्लस बताया है। मेवात के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इन 149 शिक्षकों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अतिथि अध्यापक संघ भड़क उठा है। संघ ने सरकार पर पीठ में छुर्रा घोंपने का आरोप लगाया है। संघ नेताओं का कहना है कि एक ओर तो सरकार शिक्षकों के साथ बातचीत कर रही है और उन्हें एडजेस्ट करने का रास्ता निकालने का दावा कर रही हैं वहीं दूसरी ओर अतिथि अध्यापकों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ की ओर से हिमाचल